कनेक्टिविटी के मामले में यह क्षेत्र दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और मेट्रो से भी जुड़ने वाला है, जिससे यहां की जमीनें हॉट स्पॉट बन गई हैं. जिन लोगों ने समय रहते यहां निवेश किया है, उनके लिए यह एयरपोर्ट आने वाले समय में बंपर रिटर्न देने वाला साबित होगा.

जेवर एयरपोर्ट का जल्द ही उद्घाटन होने वाला है. ये एयरपोर्ट इस पूरे इलाके की किस्मत बदलने वाला ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकता है. एयरपोर्ट के निर्माण के साथ ही आसपास की जमीनें, जो कभी कृषि प्रधान थीं, अब ‘प्रॉपर्टी मार्केट का सोना’ बन चुकी हैं. कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे भारी निवेश ने यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर के आसपास के रेट्स को कई गुना बढ़ा दिया है.

एक बार उड़ानें शुरू होने के बाद, यहां कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की डिमांड में जबरदस्त उछाल आना तय है, जिससे निवेशकों को मोटा मुनाफा मिलने की पूरी उम्मीद है.
यह इलाका अब केवल एक ट्रांसपोर्ट हब नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है. एयरपोर्ट के कारण यहां आने वाली फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और टॉय पार्क जैसी बड़ी परियोजनाएं इस क्षेत्र की आर्थिक दिशा बदल रही हैं.

वोमेकी ग्रुप के चेयरमैन और फाउंडर, गौरव के सिंह कहते हैं जेवर एयरपोर्ट आने वाले समय में पूरे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की रियल एस्टेट संभावनाओं को नई दिशा देगा. जेवर एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल हब का निर्माण निवेशकों को अपनी ओर खींच रहा है. कम बजट वाले निवेशकों के लिए यहां के छोटे प्लॉट्स ‘हाई-रिटर्न’ की गारंटी जैसे हैं.

यहां विकास की रफ्तार बहुत तेज है. बस जरूरत इस बात की है कि निवेशक केवल मुनाफे के पीछे न भागकर जमीन की लोकेशन, कानूनी वैधता और सरकारी मास्टर प्लान की गहन जांच करें. एक सोची-समझी योजना और धैर्य के साथ किया गया निवेश यहां भविष्य में निश्चित रूप से मोटा मुनाफा देने की क्षमता रखता है.

एम3एम नोएडा के डायरेक्टर यश गर्ग ने का कहना है इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रियल एस्टेट तेजी से विकास कर रहा है. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस इलाके के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजना है, जो आने वाले समय इस इलाके की भविष्य बदल देगा. एयरपोर्ट बनने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा-यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र, जो पहले एनसीआर का बाहरी इलाका माना जाता था, अब रियल एस्टेट का प्रमुख केंद्र बन सकता है. आवासीय और लग्जरी प्रोजेक्ट्स की मांग में तेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.

भविष्य के लिए मास्टरस्ट्रोक
जेवर एयरपोर्ट के पास छोटे प्लॉट्स में निवेश करना भविष्य के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है. कनेक्टिविटी में सुधार के साथ इन जमीनों का इस्तेमाल रिहायशी और छोटे बिजनेस, दोनों के लिए बढ़ेगा, जिससे जेवर के बाहरी इलाके भी अब मुख्य निवेश क्षेत्रों की सूची में शामिल हो जाएंगे.

बूट्स के संस्थापक दीपक राय कहते है जेवर एयरपोर्ट के विकास ने इस क्षेत्र की जमीनों को प्रॉपर्टी मार्केट का सोना बना दिया है. कनेक्टिविटी का जाल और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही वह मुख्य वजह है, जिससे छोटे प्लॉट्स में निवेश पर ‘बंपर रिटर्न’ मिलना लगभग तय माना जा रहा है.

एक्सप्रेसवे के किनारे बढ़ती हलचल और हाई-राइज अपार्टमेंट्स के प्रति निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी इस क्षेत्र की नई पहचान बन चुकी है. औद्योगिक निवेश और आगामी कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के कारण यह पूरा इलाका भविष्य का आर्थिक पावरहाउस बनने जा रहा है. ऐसे में आज की एक छोटी सी इन्वेस्टमेंट कल के लिए एक बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच साबित हो सकती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *